मार्कशीट्स बैकडेट में बीपीएड में दाखिला दिखाकर तैयार की गई थीं.
सामग्री तैयार करें: मिट्टी का पात्र (जिसमें जौ उगाने के लिए मिट्टी भरी हो)
पूजा के लिए एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां गंगाजल का छिड़काव करके स्थान को पवित्र करें।
यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब जाने का अवसर प्रदान करता है।
लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!
गुप्त नवरात्रि में घट स्थापना और पूजन विधि
पूरे परिवार सहित माता का स्वागत करें, उनका पूजन, आरती करके भोग लगाएं और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करें।
ॐ नमो काली कंकाली महाकाली मुख सुन्दर जिह्वा वाली,
* शनि-राहु की महादशा या अंतरदशा, शनि की साढ़े साती, शनि का ढइया आदि सभी से काली रक्षा करती हैं।
गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा
साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।
घट स्थापना करें: मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।
कलश को मिट्टी के पात्र के बीच में स्थापित करें।
कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाएं।
यह समय साधक को आत्म-चिंतन और आत्म-साक्षात्कार का अवसर देता है। ध्यान और ???? SHANI STAMBHAN SADHNA KA SAHI SAMAY तपस्या के माध्यम से व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक उन्नति कर सकता है।